औरंगाबाद, 15 अगस्त 2025: औरंगाबाद जिले के 2500 से अधिक किसानों ने इस स्वतंत्रता दिवस पर काला दिवस मनाया और उत्सव का बहिष्कार किया। किसानों का कहना है कि भारतमाला परियोजना के तहत उनकी जमीनों का अधिग्रहण बिना उचित मुआवजे के किया जा रहा है, जिससे उनकी आजीविका खतरे में पड़ गई है।
भारतमाला परियोजना और जमीन अधिग्रहण
भारतमाला परियोजना के अंतर्गत वाराणसी से कोलकाता तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना के लिए औरंगाबाद जिले के 60 से अधिक गांवों और टोलों की जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। किसानों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना उनकी सहमति और मुआवजे के उनकी खड़ी फसलों को नष्ट कर दिया।
नबीनगर अंचल के पांडेय कर्मा और इगुनी डिहबार गांवों में 1 अगस्त को सैकड़ों एकड़ धान की फसल पर बुलडोजर चलाए गए। इसके बाद 13 अगस्त को कुटुम्बा अंचल के दरियापुर और 14 अगस्त को सोनबरसा गांव में भी फसलों को रौंदा गया।
किसानों का गुस्सा: “हमें गुलाम जैसा व्यवहार मिल रहा”
सोनबरसा गांव के किसान नरेंद्र राय ने कहा, “यह अंग्रेजों के शासन जैसा है। हमारी जमीनें बिना मुआवजे के छीनी जा रही हैं। प्रशासन बंदूक के दम पर हमारी आजीविका नष्ट कर रहा है।” कुटुंबा के किसान पप्पू तिवारी ने बताया कि स्थानीय प्रशासन और कंपनी के लोग भारी पुलिस बल के साथ आए और उनकी फसलों को बड़ी मशीनों से रौंद दिया।
किसान नेता राजकुमार सिंह ने कहा, “किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी, लेकिन उनकी मेहनत को बिना मुआवजे के नष्ट किया जा रहा है। हम आजाद देश में गुलामों जैसा महसूस कर रहे हैं। इसलिए हमने स्वतंत्रता दिवस नहीं मनाने का फैसला किया।”
प्रशासन पर कंपनी के एजेंट होने का आरोप
भारतीय किसान यूनियन के जिला संयोजक वशिष्ठ प्रसाद सिंह ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “प्रशासन कंपनी के एजेंट के रूप में काम कर रहा है। किसानों की आपत्तियों को नजरअंदाज कर उनकी फसलों को नष्ट किया जा रहा है।” उन्होंने यह भी बताया कि रोहतास, कैमूर, गयाजी, झारखंड और उत्तर प्रदेश में इस तरह की कार्रवाई नहीं हो रही, केवल औरंगाबाद में किसानों को निशाना बनाया जा रहा है।
प्रशासन का जवाब
कुटुंबा अंचल के सर्कल ऑफिसर (सीओ) चंद्रप्रकाश ने दावा किया कि किसानों को पहले ही नोटिस जारी कर खेतों में फसल न लगाने की चेतावनी दी गई थी। उन्होंने कहा, “किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया चल रही है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने पर मुआवजा दे दिया जाएगा। प्रोजेक्ट को रोकना गैरकानूनी है।”
किसानों का अगला कदम
किसान नेताओं ने घोषणा की कि वे अपनी शिकायतें लेकर 17 अगस्त को औरंगाबाद आने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मिलेंगे। वे अपनी समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की योजना बना रहे हैं। इसके अलावा, किसानों ने भारतमाला परियोजना के खिलाफ अपना विरोध तेज करने की चेतावनी दी है।










