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पारंपरिक तीज व्रत 2025: हरियाली तीज के पारंपरिक गीत

Published On: August 14, 2025
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हरियाली तीज उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया को पड़ता है और महिलाओं का एक विशेष त्योहार माना जाता है। इस अवसर पर महिलाएं व्रत रखती हैं, मेहंदी लगाती हैं, झूला झूलती हैं और त्योहार के आनंद को दोगुना करने के लिए पारंपरिक गीत गाती हैं।

हरियाली तीज का महत्व और इसके गीत

हरियाली तीज भगवान शिव और देवी पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखती हैं। तीज के गीत इस उत्सव का एक अभिन्न अंग हैं, जो लोक संस्कृति, परंपराओं और भावनाओं को व्यक्त करते हैं। ये गीत आमतौर पर लोक भाषाओं में गाए जाते हैं और सावन की हरियाली, प्रेम और उत्सव का वर्णन करते हैं।

उद्देश्य: यह संग्रह तीज के उत्सव को और भी रंगीन बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो पारंपरिक धुनों और बोलों के माध्यम से श्रोताओं को उत्सव के उत्साह में डुबो देता है।

तीज गीतों का सांस्कृतिक महत्व

तीज गीत भारतीय लोक संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ये गीत न केवल मनोरंजन का साधन हैं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं को जीवित रखने का भी एक माध्यम हैं। ये गीत अक्सर ग्रामीण जीवन, प्रकृति की सुंदरता और महिलाओं के जीवन की भावनाओं को दर्शाते हैं। ये गीत सामूहिक रूप से गाए जाते हैं, जिससे समुदाय में एकता और खुशी का माहौल बनता है।

निष्कर्ष
“पारंपरिक तीज व्रत गीत 2025” वीडियो हरियाली तीज के उत्सव को और भी खास बनाने का एक शानदार तरीका है। यह उन लोगों के लिए एक आदर्श विकल्प है जो इस त्योहार को पारंपरिक तरीके से मनाना चाहते हैं। चाहे आप व्रत कर रहे हों या बस तीज की खुशियों में शामिल होना चाहते हों, इन गीतों की मधुर धुनें और भावपूर्ण बोल आपके उत्सव को और भी यादगार बना देंगे। इसे YouTube पर देखें और तीज के आनंद में डूब जाएँ!

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