जापान के पूर्वोत्तर तट पर 8 दिसंबर की रात को 7.5 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसमें कम से कम 51 लोग घायल हो गए और 90,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। यह भूकंप आओमोरी प्रीफेक्चर के पास 80 किलोमीटर समुद्र में केंद्रित था, जहां हाचिनोहे शहर में ‘ऊपरी 6’ की तीव्रता दर्ज की गई, जो इतनी जोरदार थी कि लोग खड़े नहीं रह सके।
डरावने वीडियो: घरों में टीवी गिरे, दफ्तरों में सामान बिखरा
वीडियो फुटेज में घरों के अंदर टीवी सेट लटकते दिखे, मेजों से चीजें गिरतीं नजर आईं, जबकि एक महिला मोबाइल से कांपते हुए रिकॉर्डिंग करती रही। आओमोरी असाही ब्रॉडकास्टिंग के हाचिनोहे दफ्तर में डेस्क, कंप्यूटर और कुर्सियां तेजी से हिलतीं दिखीं, वहीं मछली टैंकों और लटकते बल्बों के झूलने वाले सीन सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
सुनामी चेतावनी रद्द, लेकिन मेगाक्वेक का खतरा बरकरार
जापान मौसम विभाग ने शुरू में 3 मीटर ऊंची सुनामी की चेतावनी जारी की जो आओमोरी और इवाते तक फैली, लेकिन 9 दिसंबर सुबह सभी अलर्ट हटा लिए गए। बिजली गुल हुई, लेकिन जल्द बहाल कर दी गई; न्यूक्लियर प्लांट्स सुरक्षित बताए गए। अब एक हफ्ते तक 8+ तीव्रता वाले ‘मेगाक्वेक’ की 1% संभावना से सतर्क रहने को कहा गया है।
भारत के लिए सबक: रिंग ऑफ फायर पर जापान का अनुभव
पैसिफिक रिंग ऑफ फायर पर बसा जापान दुनिया का सबसे भूकंपप्रवण देश है, जहां हर 5 मिनट में झटका महसूस होता है और 20% बड़े भूकंप यहीं आते हैं। हाचिनोहे एयरबेस पर 480 लोग शरण में, 200 यात्री हokkैडो एयरपोर्ट पर फंस गए; प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने इमरजेंसी टीम गठित की।







